*राष्ट्रधर्म से ही नव भारत के निर्माण की परिकल्पना होगी सार्थक:योगेश पाण्डेय*
*स्वतंत्रता सेनानियों के आदर्शो से युवाओं को प्रेरणा लेने की है आवश्यकता:कमलेश राम
जमुआ प्रखंड क्षेत्र के पंचायत पोबी पंचमन्दिर परिषर में रविवार को भारत छोड़ो आंदोलन के 79 वीं वर्षगाँठ के अवसर पर जन जागरूकता अभियान के माध्यम से राष्ट्रधर्म निभाने के लिए लोगो को उत्प्रेरित करते हुए युवा समाजसेवी योगेश कुमार पाण्डेय ने कहा कि देश का सबसे बड़ा स्वतंत्रता आंदोलन भारत छोड़ो अगस्त क्रांति 8 अगस्त 1942 में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के नेतृत्व में किया गया था अंग्रेजी हुकूमत की जड़ें हिलाकर ,स्वतन्त्र भारत के सपने को साकार कर आज़ादी का उपहार हम भारतवासियों को देनेवाले ,देश के सभी चिरस्मरणीय शहिदों व राष्ट्रनायकों को भारत छोड़ो आंदोलन की 79वीं वर्षगाँठ पर शत शत हार्दिक कृतज्ञ नमन है। देश की वर्तमान परिस्थितियों से सबक लेते हुए देश मे ब्याप्त भ्र्ष्टाचार, लाल फीताशाही, विभिन्न प्रकार के अंधविश्वास, कुरीतियों के विरुद्ध युवाओं को अपनी असीम शक्ति का सदुपयोग करने की प्रबल आवश्यकता है तभी समानतामूलक, सभ्य,सशक्त ,ऐश्वर्यशाली समाज,राष्ट्र नवनिर्माण की परिकल्पना सार्थक होगी। छात्र नेता कमलेश कुमार राम पप्पू ने कहा कि भारत विश्व में युवाओं का सबसे बड़ा देश है। स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग, तपस्या,बलिदान ,आदर्शो से युवाओं को प्रेरित होकर अपनी असीम ऊर्जा का सदुपयोग सकारत्मक रूप से राष्ट्र नवनिर्माण में करनी चाहिये। जिस देश के युवा दिगभ्रमित व अराजक शक्तियों से नियंत्रित होते है वे युवा राष्ट्र के लिये बेहद ही घातक होते है। जिनमें भटकाव नही बल्कि राष्ट्र से लगाव होता है वह देश समृद्धि के शिखर पर होता है। जिला परिषद भावी प्रत्याशी मनीष कुमार सिन्हा डमरू ने कहा कि जाति,धर्म,मज़हब,ईर्ष्या,द्वेष ,संकीर्ण मानसिकता से परे देश वासियों का हर कदम राष्ट्र नवनिर्माण की दिशा में होनी चाहिये। उक्त अवसर पर रजनीश कुमार पाण्डेय,फूलदेव सोनी,छोटन पाण्डेय,नंदकिशोर पाण्डेय,गंगाधर पाण्डेय ने भी विचार ब्यक्त करते हुए कहा कि कुछ जातिगत ,धार्मिक संगठनों द्वारा युवाओ को दिग्भ्रमित कर समाज मे विद्वेष फैलाने का कार्य किया जा रहा है जो भारतीय संविधान की मूल भावना के विरुद्ध है। वैश्विक महामारी कोरोना के संक्रमण से सुरक्षित रहना ही प्राथमिकता है। उक्त अवसर पर अन्य युवा मौजूद थे।

