एक के बाद एक लगातार छह अधिवक्ताओं की मौत से कांप गया अधिवक्ता समुदाय,थम नहीं रहा मौतों का सिलसिला
क्या वृद्ध क्या नौजवान किसी को नहीं बख्शा करोना ने
गिरिडीह
जिला अधिवक्ता संघ के महासचिव चुन्नू कांत ने एक के बाद एक हो रहे अधिवक्ता और उनके परिजनो की मौत पर उन्होंने गहरी चिंता जताई है ।जारी अपने बयान में उन्होंने कहा है कि 21-4-2 021को वह मनहूस दिन था जब करोना के कारण हमने अपने एक होनहार और नौजवान अधिवक्ता भाई मुकेश सिन्हा को खोया ,और उसके बाद मानो पतझड़ सा आ गया ।ठीक उसके 4 दिन बाद वरीय अधिवक्ता रामचंद्र प्रसाद की मौत हो गई । उस के दूसरे दिन करुणा ने फिर हमारे एक नौजवान साथी सलीम गदी को हम लोगों से छीन लिया ।इसी बीच पूर्व में लोक अभियोजक रहे मोहम्मद इस्लाम की भी मौत हो गई। मई माह हम लोगों पर भारी रहा फिर 15 मई को विनोदानंद प्रसाद की मौत इलाज के दौरान रिम्स में हो गई । ठीक 3 दिन बाद 18 मई को इस बार के भविष्य और नौजवान साथी भाई अभिषेक सिन्हा को हम लोगों ने खो दिया। इस बीच अधिवक्ता परिवार में कई मौतें हुई जिसमें मुसीबत का पहाड़ हमारे वरीय अधिवक्ता श्री विजय सिन्हा जी के परिवार पर टूट गया। जब पहले उनके पुत्र और फिर उसके बाद उनके दामाद जो दोनों ही नौजवान थे और दोनों की मौत हो गई। इसी तरह से अन्य कई अधिवक्ता साथी के परिवार में मौत हो रही है । कई लोग अभी भी अकरांत है .
अपने बयान में श्री कांत ने अधिवक्ता और उनके लिपिको से निवेदन किया है कि जीविका की चिंता करने का अभी वक्त नहीं है अभी वक्त है प्राण की रक्षा करने की ।हम लोग इस बात से चिंतित हैं कि आज भी कुछ लोग कचहरी आ रहे हैं, आना चाह रहे वे भीड़ का हिस्सा बनना चाह रहे है। उनका कहना है कि मैं मानता हूं कि पेशेवर हम लोगों की जिम्मेवारी है। जो बंदी जेल में है उनके लिए मुकदमे में पैरवी हम लोगों की बाध्यता है लेकिन जो माहौल है उसमें अभी लोगों को घरों में रहना सुरक्षित है। इसलिए इस मुद्दे पर बहस के बजाय लोग संयम से काम ले अन्यथा जो हालात है उसमें कभी भी कोई इसके चपेट में आ सकता है ।
श्री कांत ने यह भी कहा कि संयम ही सबसे बड़ा अनुशासन है ,अगर हम अपनी जिंदगी नहीं सुधार सकते तो दूसरे को खतरे में डालने का हमें कोई अधिकार नहीं है। जहां तक बंदियो की बात है तो मैंने पूर्व में राज्य के मुख्यमंत्री मुख्य न्यायाधीश समय अन्य वरीय अधिकारियों को पत्र लिखकर निवेदन किया था कि जो जेल में बंदी हैं उनको पेरोल और पर्सनल बांड पर छोड़ा जाए । हम लोगों के सुझाव को शीर्ष न्यायालय ने भी माना है और अब सरकार के यहां इस बात की प्रक्रिया चल रही है ।समय के साथ हम लोग फिर काम करेंगे लेकिन अभी जरूरत इस बात की है कि हम लोग एक दूसरे की सुरक्षा का ख्याल करें ।अपने जीवन की रक्षा करें।
समस्त झारखंड समाज समाज सेवा ट्रस्ट का हुआ झारखंड में विस्तार
जूम एप्स के माध्यम से हुआ बैठक लिए गए कई निर्देश
जमुआ :-शिव कुमार
समस्त झारखंड समाज सेवा ट्रस्ट बीते कई वर्षों से झारखंड के लोगों के हित में सेवा करने हेतु ट्रस्ट का निर्माण गुजरात राज्य के सूरत में सभी झारखंडी भाइयों ने मिलकर किया गया सभी के द्वारा राष्ट्रीय अध्यक्ष महादेव वर्मा जी को चुना गया जिसका मुख्य उद्देश्य समाज के हर क्षेत्र में जैसे मजदूरों से लेकर शिक्षा के क्षेत्र तथा हमारे झारखंड के प्रवासी मजदूरों को आर्थिक मानसिक तथा शारीरिक स्वास्थ के रूप से सहायता प्रदान करना जो केवल गुजरात में ही नहीं बल्कि हर राज्यों में झारखंडी भाइयों को सारी तरह से सहायता प्रदान करना और ट्रस्ट का विस्तार करना आज गुजरात में ट्रस्ट के कार्यों को देखते हुए अब ट्रस्ट के सम्मानित पदाधिकारी गण के द्वारा निर्णय लिया गया की पूरे भारत में ट्रस्ट का विस्तार किया जाएगा ! जिसका पहला कदम झारखंड से शुरू किया गया आज झारखंड में जूम मीटिंग के माध्यम से राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं संस्थापक महादेव वर्मा, वासुदेव महतो राष्ट्रीय महासचिव बुलाकी बर्मा राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष , फूलदेव वर्मा प्रवक्ता ,कोर कमेटी अध्यक्ष गौरी शंकर वर्मा, तथा अन्य सदस्य के साथ सभी पदाधिकारियों ने निर्णय करके झारखंड में निम्न पदाधिकारियों के नाम की घोषणा की जिसमें गोविंद वर्मा (राष्ट्रीय शिक्षा और सामाजिक सलाहकार)
सुमित राज मौर्य (झारखंड के प्रदेश अध्यक्ष),रशीद इकबाल( झारखंड के प्रदेश उपाध्यक्ष),प्रिंस कुमार वर्मा (प्रदेश मीडिया प्रभारी ),चंद्रदेव कुमार (जिला उपाध्यक्ष
गिरिडीह ),प्रमोद कुमार (जिला सचिव गिरिडीह )
के नामों की घोषणा की गई।



