*करें अंगदान उससे होता है किन्ही का जीवन का कल्याण-योगेश पाण्डेय*
अंगदान से जीवनी की सार्थकता पूर्ण होता है- कमलेश राम पप्पू
12वीं राष्ट्रीय अंगदान दिवस के अवसर पर जमुआ प्रखंड के ग्राम पंचायत पोबी में राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं अपराध नियंत्रण ब्यूरो व जैव विविधता प्रबंधन समिति के संयुक्त तत्वावधान में अंगदान जन जागरूकता शिविर में ब्यूरो के एन एच आर सी सी बी के जिला संयुक्त सचिव सह जैवीप्र समिति जमुआ प्रखंड सचिव योगेश कुमार पाण्डेय ने लोगो को अंगदान के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि स्वास्थ्य ,परिवार ,कल्याण मंत्रालय के तहत नेशनल ऑर्गन व टिश्यू ट्रांसप्लांट ऑर्गेनाइजेशन ( एन ओ टी टी ओ) आयोजन होता है। अंगदान की प्रक्रिया में कानूनी तौर पर मृत परिजन की सहमति से या ब्यक्ति अपने स्वयं के अंग हटाने और दूसरे ब्यक्ति को प्रत्यारोपित करने की अनुमति देता है । जीवित अंगदान में कोई ब्यक्ति किडनी ,एक पैंक्रिया,फेफड़ा का कुछ हिस्सा जरुरतमंदों के मदद के लिए दान कर सकता है। मृत्यु के पश्चात मृत ब्यक्ति का काम कर रहें किडनी,लिवर,फेफड़ा,हृदय,पैंक्रियास,और आंत अंगदान किये जा सकते है। अंगदान के लिए जीवित अवस्था में कानूनी प्रक्रिया पूर्ण कर लेना होता है। मरने के बाद शरीर मिट्टी में मिलकर राख ,खाख हो जाता है। मोह माया ममता से परे दान किया हुआ अंग किसी ब्यक्ति का जीवन दान में सहायक सिद्ध होता है,इसलिए अंगदान के लिए जानकारी,जागरूकता की प्रबल आवश्यकता है। युवा छात्र नेता कमलेश कुमार राम पप्पू ने कहा कि सभी योनियों में मानव तन सर्वश्रेष्ठ है। मानवीय मूल्यों की अवधारणा व संवेदना को समझने वाले में ही मानवता होता है। शरीर नश्वर होता है। अंगदान से मानव जीवन की सार्थकता पूर्ण होता है। उक्त अवसर पर अन्य ग्रामीण मौजूद थे।
